पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी लकà¥à¤·à¤£, कारण, लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥‹à¤ªà¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ से उपचार

पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी लकà¥à¤·à¤£, कारण, लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥‹à¤ªà¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ से उपचार
नमसà¥à¤•à¤¾à¤° दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚,
आइठà¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ या à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿ के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं जो आजकल हमारे बीच बहà¥à¤¤ आम है और यह पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी है। यह आम तौर पर पितà¥à¤¤ की थैली में पाया जाता है और आप जानते हैं कि पितà¥à¤¤ आमतौर पर हमारे शरीर में पाचन में योगदान देता है और यह पाचन रस या पितà¥à¤¤ हमारे पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में इकटà¥à¤ ा होता है। आम तौर पर जो लोग चिकना à¤à¥‹à¤œà¤¨ या तैलीय à¤à¥‹à¤œà¤¨ के शौकीन होते हैं या जो अधिक वजन वाले या मोटे होते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस समसà¥à¤¯à¤¾ का खतरा अधिक होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पथरी हो जाती है। पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं: रोगियों को गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• परेशानी होती है, उनके पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में अकà¥à¤¸à¤° पेट में दरà¥à¤¦ या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ होता है। हो सकता है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीठमें दरà¥à¤¦ या कंधे में दरà¥à¤¦ हो, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीलिया à¤à¥€ हो सकता है। यदि पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली में पथरी की समसà¥à¤¯à¤¾ का समय पर उचित समाधान नहीं किया जाता है, तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं। मूल रूप से इस समसà¥à¤¯à¤¾ के बहà¥à¤¤ सारे कारण हैं, और सबसे पहले, पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली à¤à¤• गांठमें बदल सकती है या पितà¥à¤¤ की थैली टà¥à¤¯à¥‚मर में बदल जाती है या पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की नली में रà¥à¤•à¤¾à¤µà¤Ÿ आ गई है और इससे पीलिया हो सकता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ घातक à¤à¥€ हो सकती है। तीसरा पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवारों के खिलाफ पथरी का बार-बार टकराना होता है और यह कैंसर का कारण हो सकता है। इसलिठहमें कà¤à¥€ à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर इसका समय पर निदान नहीं किया गया तो इसके परिणाम जानलेवा या कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥‹à¤ªà¥€ के आविषà¥à¤•à¤¾à¤° के कारण पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली की सरà¥à¤œà¤°à¥€ बहà¥à¤¤ आसान और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• हो गई है। पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पथरी के रोगी को दूसरे दिन ही असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ दी जा सकती है, यहां तक ​​कि लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥‹à¤ªà¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद रोगी तीसरे दिन से बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ अपने नियमित काम पर जा सकता है। केवल कà¥à¤› असाधारण परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, जैसे पितà¥à¤¤ à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚मर में बदल जाता है या पीलिया विकसित होता है। रोगी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कà¥à¤› जटिलताà¤à¤ पाठजाने पर समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤